रविवार, अप्रैल 14, 2024
Google search engine
होमNEWSBJP बन रही है भ्रष्टाचार बचाओ पार्टी? | Prafull Patel gets CBI...

BJP बन रही है भ्रष्टाचार बचाओ पार्टी? | Prafull Patel gets CBI Clearance

BJP बन रही है भ्रष्टाचार बचाओ पार्टी जिस प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दूसरे दलों के भ्रष्टाचार के आरोपी बीजेपी में जमा हो रहे हैं उनका हर रैली में यह कहना कि वे भ्रष्टाचार से लड़ रहे हैं इससे बड़ा झूठ क्या हो सकता है बात केवल प्रफुल पटेल की नहीं है बात उनकी भी है जो ईडी सीबीआई के केस के बाद भागे भागे बीजेपी में आ गए पीएम के बयान पर कितना हंसते होंगे ऐसे लोग क्या रैली में सामने बैठी जनता को पता है कि मंच से प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार मिटाने की नहीं भ्रष्टाचारियों को अपनी पार्टी में मिलाने की बात कर रहे हैं उनके लिए भ्रष्टाचार से लड़ाई का मतलब है.

विपक्ष के नेताओं के पीछे ईडी छोड़ दो और वह अपने आप भागे भागे बीजेपी में आ जाएंगे अभी तक घोटालेबाज पकड़े जाते थे तो जेल जाते थे उन्हें कोई पार्टी अपने में शामिल नहीं करती थी मगर बीजेपी ने अलग ही माफीनामा स्कीम शुरू कर दी है ईडी की जांच शुरू होती है जेल जाते हैं और फिर यह लोग बीजेपी में आ जाते ते हैं इस वीडियो को पूरा देखिए देख ही लीजिए समय तो बचा नहीं है जो सत्यानाश होना था वह अब तक हो चुका है.

झूठ का बवंडर इतना बड़ा हो गया है कि अब जनता को पता चलने में ही 20 साल लग जाएंगे कि यह सब हुआ जब वह धर्म की राजनीति में अपना आप खो चुकी थी इंडियन एक्सप्रेस के दीप्तिमान तिवारी की यह दूसरी बड़ी रिपोर्ट है जो ईडी का भांडा फोड़ देती है जिसे पढ़कर लगता है कि ईडी के पीछे से कोई गिरोह काम कर रहा है जो ना ना केवल चंदा वसूली करता है बल्कि करप्ट नेताओं को भी दूसरे दलों से वसूल कर बीजेपी में ला रहा है.

कोई भी इस हेडलाइन को किसी भी भाषा में समझ सकता है जो यह कहती है कि 2014 से लेकर अब तक जितने विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार संबंधी जांच चली है उनमें से 25 भाजपा में शामिल हो गए जो 25 बीजेपी में आए उनमें से 23 को किसी ना किसी प्रकार की राहत मिली या तो जांच बंद हो गई या जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई इनमें से 10 कांग्रेस से बीजेपी में आए एनसीपी और शिवसेना से चार-चार टीएमसी के तीन टीडीपी के दो सपा और वाईएसआर कांग्रेस के एक-एक सांसद बीजेपी में आए सिर्फ दो मामले ऐसे हैं जिनमें भाजपा में शामिल होने के बाद भी ईडी की कार्रवाई चल रही है.

कांग्रेस की पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा और टीडीपी के पूर्व सांसद वाईएस चौधरी के मामले में 2022 से 23 के बीच महाराष्ट्र में ईडी खूंखार हो गई उसी दौरान महाराष्ट्र में सबसे अधिक नेता बीजेपी में आए और वहां बीजेपी की सरकार बन गई इस दौरान एकनाथ शिंदे शिवसेना से अजीत पंवार एनसीपी से अलग होकर भाजपा के गठबंधन में शामिल हुए महाराष्ट्र के 12 राजनेता इस सूची में शामिल हैं जो दीप्तिमान तिवारी बताते हैं 11 भाजपा में 2022 के बाद शामिल हुए यह कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना से हैं.

एक तरह से इन जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र की क्त्र क्षेत्रीय पार्टियां खत्म सी हो गई छिन्न भिन्न कर दी गई शिवसेना और एनसीपी का सिंबल भी कोई और ले गया अब पता चल रहा है कि ईडी के जरिए बीजेपी ने किस तरह से अपने लिए राजनीतिक मैदान साफ किया है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और उसमें बताया था कि बीजेपी में 400 से अधिक विधायक दूसरे दलों से शामिल हुए हैं इनमें से 200 से अधिक विधायक केवल कांग्रेस से निकलकर बीजेपी में आए हैं य कोई छोटी मोटी संख्या नहीं है यह दल बदल भी नहीं है.

निश्चित रूप से यह अपने आप में विधायक सांसद वसूली का मामला और गिरोह लगता है 411 एमएलए को 10 साल में उन्होंने अपने तरफ लिया अब मैं यह नहीं कहता कितना पैसा देक खरीदे क्या करें वो नहीं लेकिन आपको तो मालूम है कितने सरकार हमारे इलेक्टेड थे जैसा कि मध्य प्रदेश कर्नाटक मणिपुर गोवा उत्तराखंड यह सब आप जानते हैं कैसे गिरे यह अब पता चल रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व से प्रभावित होकर यह विधायक सांसद बीजेपी में नहीं जा रहे हैं बल्कि ईडी से थरथर कांपते हुए बीजेपी में जा रहे हैं इन भगोड़ के लिए ईडी ही प्रधानमंत्री हैं ईडी ही उनका नेतृत्व है और प्रधानमंत्री कहते हैं.

ईडी ने कभी केस बंद नहीं किया अभी तमिल चैनल थांतीदुम ही कहा कि ईडी जो केस शुरू करती है वह बंद नहीं करती हम उनका यह बयान पिछले वीडियो में भी पढ़ चुके हैं फिर से छोटा सा हिस्सा पढ़ देते हैं प्रधानमंत्री कहते हैं ऐसा है जिस भी पॉलिटिशियन का होगा केस चलेगा आप मुझे बताइए एक केस बताएं कि भाई इसका केस ईडी ने बंद किया यह जानते हुए भी कि प्रफुल पटेल के खिलाफ 8000 करोड़ के भ्रष्टाचार का मामला सीबीआई ने बंद कर दिया अजीत पंवार के खिलाफ मामला ब हुआ है प्रधानमंत्री फिर भी कहते हैं ईडी केस नहीं बंद करती है 23 में से तीन मामले बंद कर दिए गए जो दीप्तिमान तिवारी ने दिखाया है

बाकी 20 मामले या तो ठंडे बस्ते में भेजे जा चुके हैं या फिर रुके हुए हैं दीप्तिमान लिखते हैं कि भाजपा में शामिल हो जाने के बाद से जांच एजेंसियों का एक्शन इन एक्शन हो रहा है यानी कोई कार्रवाई ना करना ही उनकी कारवाई रही है सीबीआई आयकर स्थानीय पुलिस आर्थिक अपराध शाखाओं एंटी करप्शन ब्यूरो भी इस तरह की टारगेटेड कार्रवाई में शामिल होते हैं ईडी की कारवाई स्वतंत्र रूप से नहीं होती है दूसरी एजेंसियों द्वारा शिकायत के बाद ही ईडी अपना काम शुरू करती है खुद प्रधानमंत्री ने अपने इंटरव्यू में यह सब बताया है

इंडियन एक्सप्रेस के दीप्तिमान तिवारी ने लिखा है कि प्रताप सर नायक की कंपनी के लेनदेन के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने जनवरी 2021 में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी इसके डेढ़ साल बाद वे शिंदे के साथ एनडीए में शामिल हो गए 8 महीने के बाद कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली जिसके बाद ईडी के केस की धार ही खत्म हो गई एक अन्य मामले में सर नायक के खिलाफ जांच चल रही है 2012 में जब यह मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष थे कृपा शंकर सिंह तब पुलिस ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लरिंग का केस बनाया उनके बेटों से पूछताछ की 2015 में इनके खिलाफ चार्जशीट दायर होती है कहा जाता है कि इनके पास 95 करोड़ की संपत्ति है जिसमें से 18 करोड़ की संपत्ति आय से अधिक है चार्जशीट बिना विधानसभा स्पीकर की मंजूरी के दाखिल की गई थी इसलिए कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज कर दी जाती है

सितंबर 201 2019 में कृपा शंकर सिंह कांग्रेस से इस्तीफा देते हैं 2 साल बाद भाजपा में शामिल हो जाते हैं आज की तारीख में ईडी का यह केस इंफ्रुक्ट्यूअस के 400 पार की संख्या में शामिल होने जा रहे हैं सब कुछ आपकी आंखों के सामने है भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री का यह झूठ इस तरह से पकड़ा जा रहा है फिर भी वे बोले जा रहे हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं ईडी केस बंद नहीं करती है कैसे कह देते हैं यह विश्वास शायद इसलिए भी है कि उन्हें पता होगा कि हिंदी का संपादक उसका मालिक अपने अखबार में यह सब खबर विस्तार से छापे ही नहीं हिंदी का चैनल दिखा खाएगा भी नहीं तो गांव-गांव में और मेहनत मजदूरी करने वाली आम जनता को पता ही नहीं चलेगा कि उनके देश में यह सब खेल चल रहा है

इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट को हिंदी के अखबार आपके घरों तक पहुंचने नहीं देंगे आप अंधेरे में हैं आप अंधेरे में रहेंगे और प्रधानमंत्री की बात पर ताली बजाते रहेंगे क्या भ्रष्टाचारियों को बचाना है क्या भ्रष्टाचारियों को बचाना है क्या भ्रष्टाचारियों को बचाना है भ्रष्टाचार जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए भ्रष्टाचार यह अपने आप में भारत की राजनीति का सबसे बड़ा घोटाला है एक तरफ ईडी और आईटी के छापे के बाद कंपनियां बीजेपी को 2400 करोड़ का चंदा देती हैं दूसरी तरफ केंद्रीय जांच एजेंसियों के छापे के बाद विरोधी दल के नेता सैकड़ों की संख्या में अपनी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आ जाते हैं

पैसा और नेता दोनों की वसूली हो रही है यह दलबदल नहीं वसूली है नेता वसूले जा रहे हैं ऐसा तो भारत की राजनीति में किसी ने आज तक नहीं किया दिल्ली में कई जगहों पर एक होर्डिंग लगी है इस होर्डिंग को देखते ही लगेगा कि भ्रष्टाचार मिटाने की गारंटी देने में प्रधानमंत्री मोदी का जवाब नहीं इस होल्डिंग पर अगर आप दीप्तिमान तिवारी की यह रिपोर्ट फोटोशॉप के जरिए लगा दें तो कैसा लगेगा जिन सभाओं में प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार से लड़ाई की बात कर रहे हैं क्या वहां लाई गई जनता को पता है कि ईडी सीबी आई और आईटी ने विपक्ष के 25 बड़े नेताओं के यहां छापे मारे मनी लरिंग के केस दर्ज हुए और गिरफ्तार किया गया वे सब भागकर बीजेपी में आ गए और उनमें से 23 को राहत मिल गई वैसे बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं की संख्या 400 बताई जाती है इस होर्डिंग की जगह एक दूसरी होर्डिंग भी लगाई जा सकती है

जिस पर प्रफुल पटेल अजीत पंवार नवीन जिंदल का फोटो लगा दीजिए पिछले एक साल में यह तीन बड़े नेता बीजेपी में आए हैं इन्हें अलग-अलग तरीके से राहत मिली है साथियों 24 के इस चुनाव में अब स्पष्ट रूप से दो खेमे बन गए हैं एक [प्रशंसा] तरफ हम लोग ईमानदारी और पारदर्शिता जनता जनार्दन के सामने लेकर के आए हैं दूसरी तरफ भ्रष्टाचारी परिवार वादी उनका जमावड़ा है यह भ्रष्टाचारी मोदी को धमकी भी दे रहे हैं दिन रात गाली भी दे रहे हैं अब देखिए क्या खेल चल रहा है हम है जो कह रहे हैं भ्रष्टाचार हटाओ और और वो कहते हैं भ्रष्टाचारी बचाओ आप मुझे बताइए भ्रष्टाचार हटना चाहिए कि नहीं हटना चाहिए भ्रष्टाचार हटना चाहिए कि नहीं हटना चाहिए भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए भ्रष्टाचारी जेल जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए भ्रष्टाचारियों को सजा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए

देश की आवाज है हर प्रश्न पर कार्यवाही जारी रहेगी और तीसरे टर्म की शुरुआत में अब दो सवा दो महीने बाकी रहे हैं बहुत कम समय बाकी रह गया है तीसरे टर्म में भ्रष्टाचार पर और तेज प्रहार होगा यह मैं आपको गारंटी देने आया हूं क्या आप तक यह खबर पहुंची आपके अखबार ने मोटी मोटी हेडलाइन छापक आपको बताया कि 8000 करोड़ के विमान घोटाले के आरोपी प्रफुल पटेल अब बीजेपी के लिए हीरा मोती हो गए हैं आठ ही महीने हुए बीजेपी के साथ आए सीबीआई ने उनके खिलाफ घोटाले की फाइल बंद कर दी और क्लीन चीट दे दी कोयला घोटाला और एयर इंडिया के विमान खरीद का घोटाला इसके बुनियाद पर ही बीजेपी ने 2014 से पहले का राजनीतिक माहौल बनाया चुनाव में जीत हासिल की मगर इसके दो बड़े मुख्य आरोपी आज बीजेपी के साथ हैं नवीन जिंदल तो बीजेपी में है

प्रफुल पटेल और अजीत पंवार दोनों पर बीजेपी ने 70000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया मतलब यही दो आरोपी हैं जिन पर 140000 करोड़ के घोटाले का आरोप बन जाता है वह बीजेपी के साथ है इतना बड़ा चेक बीजेपी में आ गया क्या प्रधानमंत्री अपना ही बयान नहीं सुनते हैं कि उन्होंने पिछले साल जुलाई में भोपाल में एनसीपी के इन घोटालों को लेकर क्या कहा था अगर मैं एनसीपी की बात करूं तो एनसीपी पर भी करीब करब 7 हज करोड़ रुपए के घोटालों का आरोप है महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक घोटाला महाराष्ट्र सिंचाई घोटाला अवैध खनन घोटाला इनकी लिस्ट भी बहुत लंबी है

इन पार्टियों के घोटालों का मीटर कभी डाउन ही नहीं होता अब यही लोग बीजेपी के साथ हैं अजीत पंवार प्रफुल पटेल बीजेपी के साथ जाकर ईमानदार हो गए जनता धर्म का कटोरा लेकर बैठी है या देखने समझने के लिए तैयार ही नहीं कि उसके साथ कितना बड़ा छल हुआ कम से कम यही सवाल कर लेती कि केवल भ्रष्टाचारी ही बीजेपी के साथ आए हैं या एक 140000 करोड़ का चेक भी साथ लाए हैं वैसे 2जी घोटाला भी एक बड़ा मुद्दा था लेकिन चंदे का धंधा घोटाले में यह रिपोर्ट आई तो सही कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम की नीलामी होनी थी

मगर नीलामी नहीं हुई नीलामी की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई और जैसे ही समाप्त हुई है लेकिन यह खबर भी आप तक मोटी मोटी हेडलाइन के साथ नहीं पहुंची होगी आपके अखबार और चैनल ने आपके साथ धोखा किया है खुद बीजेपी ने आरोप लगाया था कि जब प्रफुल पटेल नागरिक विमानन मंत्री थे 2005 6 के बीच तब एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के लिए 111 विमान खरीदने का करार हुआ विमान की जरूरत नहीं थी मगर रिश्वत की लालच में यह खरीद की गई और 700 करोड़ का घोटाला हुआ प्रफुल पटेल को लेकर तब के मीडिया और आज के गोदी मीडिया ने अनगिनत रिपोर्ट की है लेकिन जब क्लिन चिट की खबर आई सीबीआई के जांच बंद करने की खबर आई तो बहुत साधारण तरीके से इन खबरों को निपटा दिया गया पुरानी खबरों और आरोपों का विस्तार से वर्णन नहीं किया गया जनता को याद ही नहीं दिलाया गया कि उसे किस तरह से बेवकूफ बनाया गया है

क्या प्रफुल पटेल इतने लोकप्रिय नेता हैं कि उनके बिना बीजेपी को 400 सीट नहीं आएगी इसलिए चुनाव शुरू होने के बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ यह जांच बंद कर दी क्या बीजेपी ने इस बात के लिए देश से माफी मांगी है कि उसने 2011 के साल से एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के लिए खरीदे गए विमानों को लेकर 700 हज करोड़ के घोटाले के आरोप लगाए हैं बार-बार प्रफुल पटेल का नाम लिया है कई बार संसद में चर्चा के लिए नोटिस दी बीजेपी के नेताओं ने अनगिनत प्रेस कॉन्फ्रेंस किए अब उस घोटाले का चेहरा यानी प्रफुल पटेल करप्ट से ईमानदार हो गए एनसीपी के रास्ते बीजे बपी के पार्टनर हो गए हम 2011 की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो दिखाना चाहते हैं

बीजेपी के नेता राजीव प्रताप रूढ़ी कितनी गंभीरता से बता रहे हैं तब तो विपक्ष के पास न जाने कहां-कहां से डॉक्यूमेंट भी मिल जाता था आज चुनावी चंदे का सारा दस्तावेज सामने है मगर कोई अखबार छाप तक नहीं लेकिन आप इस हिस्से को जरूर सुनिए और मैं आज आपको एक कागज भी सर्कुलेट करूंगा क्योंकि कहीं ना कहीं एक जिम्मेवारी तय करनी है और मैं अपने मित्र श्रीकांत जी से कहूंगा कि जो वह अंतिम निर्णय था हम जानते हैं कि शुरू में यह तय हुआ था कि एयर इंडिया के लिए 18 विमान खरीदे जाएंगे 2004 में जिसमें 18 छोटे विमान और 10 मीडियम कैपेसिटी के विमान खरीदे जाने थे

2004 में और ठीक एक वर्ष के भीतर यह 28 की संख्या बढ़ कर के मैं फिर से दोहराना चाहूंगा कि एक वर्ष के भीतर 28 की संख्या बढ़कर के 68 हो गई और उसमें 53 विमान फर्म बेसिस पर जो बहुत महत्व रखता है क्रय के लिए और 15 विमान खरीदे जाने थे ऑप्शनल बेसिस पर किस आधार पर एक समिति ने और वह समिति किसकी अध्यक्षता में थी वह मैं बताना चाहूंगा यह समिति जो एंपावर्ड ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स था दिस वास हेडेड बाय मिस्टर चिदान एस द फाइनेंस मिनिस्टर और मैं आपको एक यह आज प्रधानमंत्री कार्यालय का एक पत्र जिसमें उन्होंने भी उसे अनुमोदित किया है और उसके साथ पूरे उस बैठक के मिनट्स और मैंने उसके नीचे जो एक सेंटेंस है मात्र एयर इंडिया विल प्लेस द एंटायस बेसिस इन व्हाट कैपेसिटी डिड द ई ईजी ओ एम हैव द अथॉरिटी टू इंक्रीज द वेंडर्स ऑर्डर टू गिव द एंटायस फ्रॉम 28 टू 68 बी टू कन्फर्म व्ट वास प्रपोज्ड बाय एयर इंडिया एस एन ऑप्शनल बेसिस य एक बड़ा सवाल है

जिसमें और इसमें चि दमर साहब का हस्ताक्षर है और चि दमर साहब और प्रधानमंत्री जी की सहमति है कहीं ना कहीं इस बात का जवाब चि दमर साहब को भी देना पड़ेगा कि आखिर में यह निर्णय किस प्रकार से हुआ कक एयर इंडिया ने इतने विमानों का विमानों की खरीददारी की मांग नहीं की थी सीएजी ने मुख्य तौर पर अपने प्रतिवेदन में तीन विषय कहे एक उन्होंने टिप्पणी की है मर्जर पर जो एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस का मर्जर किया गया उस पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि किस आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया कि एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस का मर्जर किया जाए आज तक किसी को नहीं समझ में आया दूसरा विषय जो सीजी ने उठाया है

वह है कि आखिर इतने बड़ी संख्या में विमानों की खरीद क्यों की गई जब सबको पता था कि सबको पता था कि इतनी बड़ी आवश्यकता नहीं है तो आखिर में इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया मिलाकर के लगभग 125 15 जहाजों की क्रय क्यों की गई और मैं फिर आपको स्मरण दिलाना चाहूंगा कि जो इंडियन एयरलाइंस का परचेस था जो अर्स वाइल इंडियन एयरलाइंस उस परचेस की कीमत मात्र 8000 करोड़ थी और जो एयर इंडिया का था जिसे 28 से बढ़ाकर 68 किया गया इसकी कीमत 400 करोड़ रुपया था तो यह भी अपने आप में है उसमें यह भी टिप्पणी की गई है कि आखिर आधार क्या था कि जब एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस को मर्ज किया जाना था तो वैसे स्थिति में दोनों कंपनियों के विमान अलग-अलग क्यों खरीदे गए इसके भी सवाल का जवाब सरकार ने नहीं दिया

जब बीजेपी विपक्ष में थी तब उसकी हर प्रेस कॉन्फ्रेंस नेताओं के के बयान को प्रमुखता से टीवी पर दिखाया जाता था और लोगों को पता चल जाता था अगर उसी अनुपात में प्रफुल पटेल को मिली क्लिन चट की खबरें आज छपती सवाल होते मीडिया याद दिलाता कि तब क्या-क्या कहा गया था तो जनता को कुछ तो पता चलता पब्लिक को कुछ पता है नहीं और जनता जनता बने घूम रही है कि हम जनता हैं जनता सब जानती है यह सारी खबरें 2017 के साल की हैं तत्कालीन चीफ जस्टिस जे एस केहर की बेंच का आदेश था

जिसमें आज के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ भी शामिल थे मामला था 70000 करोड़ के 111 विमानों की खरीद में गंभीर गड़बड़ियां की गई हैं इसके अलावा पटेल ने एयर इंडिया को 1000 करोड़ का बायोमेट्रिक सिस्टम खरीद वाया कोर्ट ने कहा कि 6 महीने के भीतर जांच हो और देखा जाए कि तथ्य क्या हैं सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण की याचिका पर आदेश दिया कि सीबीआई इस मामले में अपनी जांच 6 महीने के भीतर ही पूरी करें जब यह खबर आई कि कनाडा की अदालत ने भारत के विमान मंत्री को रिश्वत देने के मामले में एक व्यक्ति को सजा सुनाई है

तब मीडिया के कई अखबारों और चैनलों ने इस खबर को काफी विस्तार से दिखाया था छापा था यह हिंदू बिजनेस लाइन की रिपोर्ट है लिखा है कि इंडोकैनेडियन मूल के बिजनेसमैन नजीर करग ने प्रफुल पटेल के सहयोगी को ा लाख डॉलर यानी भारतीय रुपए में 2 करोड़ की रिश्वत दी है सीबीआई ने कनाडा से इसकी जानकारी मांगी थी अखबार ने यह भी लिखा है कि बायोमेट्रिक सिस्टम का टेंडर 2006 में निकला था नजीर करग ने मुंबई पुलिस कमिश्नर हसन गफूर के जरिए प्रफुल पटेल से मुलाकात की और कथित रूप से रिश्वत दी यह सब इस अखबार में छपा है

रफाल मामला भी इसी टाइप का है भारत में क्लिन चट की घोषणा हो गई है मगर फ्रांस की अदालत में अभी भी इसकी सुनवाई चल रही है जांच चल रही है यह z न्यूज़ पर विमान घोटाले की खबर है जिसे दो एपिसोड में दिखाया गया था इसे कोई देख ले तो लगेगा कि प्रफुल पटेल से भ्रष्ट कोई है ही नहीं आज वही प्रफुल पटेल की पार्टी बीजेपी के साथ है सीबीआई ने केस बंद कर दी तो कितने चैनलों पर इस तरह की रिपोर्ट चल रही है 7 साल तक इस मामले में सीबीआई ने जांच की 8 महीने पहले प्रफुल पटेल के बीजेपी के गठबंधन में जाते ही सब कुछ रफा दफा लीज पर 70000 करोड़ के विमान खरीदने का घोटाला बंद आरोप लगा था कि जब विमान खरीदे जा रहे थे तब लीज पर लेने की जरूरत नहीं थी

15 महंगे विमान खरीदे गए थे तब जब उन्हें उड़ाने के लिए पायलट तक नहीं था अब यह सब इतिहास बन चुका है 2019 में जब महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव चल रहे थे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्हीं प्रफुल पटेल के बारे में इशारे में कहा करते थे कि वे 1993 बम धमाके के आरोपी इकबाल मिर्ची के साथ व्यापार करते हैं इतना गंभीर आरोप लगाया हो और वह व्यक्ति आज बीजेपी के सहयोगी दल में है क्या प्रधानमंत्री की बात भरोसे के लायक है जिन लोगों ने इस पर भरोसा किया होगा उन्हें आज कैसा लग रहा होगा ऐसा क्यों है जब पीड़ितों को न्याय देने की बात आती है तो कांग्रेस और उसके साथी आतंकियों का बचाव करने लगते हैं

1993 में मुंबई बम धमाकों के गांव कभी भी मुंबई भूल नहीं सकता महाराष्ट्र भूल नहीं सकता हिंदुस्तान भूल नहीं सकता धमाकों में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ उस समय की सरकार ने कोई न्याय नहीं किया जिन लोगों ने हमारे अपनों को मारा वह भाग निकले और उसकी वजह अब खुल कर के सामने आने लगी है यह लोग दोषियों को पकड़ने के बजाय उनके साथ मिर्ची का व्यापार कर रहे व्यापार कभी मिर्ची का व्यापार कभी मिर्ची से व्यापार मैं आज मुंबई के इस मंच से आप पूरे महाराष्ट्र के लोगों को आग्रह करूंगा

इन लोगों को पहचानिए इनके दलों से सावधान रहिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से बिना नाम लिए हुए इशारे में यही तो कह रहे हैं कि प्रफुल पटेल से सावधान रहिए और इधर प्रफुल पटेल पटेल शरद पवार की पार्टी तोड़कर अजीत पंवार के साथ चले आते हैं जो बीजेपी के साथ महाराष्ट्र सरकार में साझीदार हैं पर प्रफुल पटेल को लेकर कैसी-कैसी खबरें तब छपा करती थी ठीक एक साल पहले की तो बात है फरवरी 2023 में ईडी ने पीएमएलए के तहत प्रफुल पटेल की कई संपत्तियां जब्त की ड्रग स्मगलर और 1993 बम धमाकों में आरोपी इकबाल मिर्ची के मामले में कार्रवाई के चलते वर्ली की सीजे हाउस में पटेल और उनके पर वार से जुड़ी चार संपत्तियों को जब्त किया गया था

यह वर्ली की सबसे महंगी प्राइम प्रॉपर्टी बताई जाती है प्रफुल पटेल को चार मंजिल खाली करनी पड़ी इसी इमारत में इकबाल मिर्ची की भी दो मंजिलें जब्त हुई हैं ईडी की जांच इकबाल मिर्ची से जुड़े मनी लरिंग के मामले में चल रही थी इसी सीजे हाउस में अब ईडी ने अपना दफ्तर भी बना लिया है प्रफुल पटेल और अजीत पवार को अपनी पार्टी तोड़ने का इनाम मिल चुका है अब यही लोग बीजेपी के साथ गठबंधन में हैं सरकार में साठी हैं अजीत पवार को बीजेपी जेल में डालना चाहती थी अब वही पवार देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री हैं

इनका भी मामला देख लीजिए हमें पता है कि वीडियो लंबा है लेकिन पूरा देखिए तभी तो पता चलेगा कि कितना लंबा खेल आपके साथ हो गया है एक्सप्रेस ने लिखा है कि जब महा विकास आघाड़ा अपराध शाखा ने अजीत पवार के मामले में अक्टूबर 2020 में क्लोजर रिपोर्ट दायर की ईडी ने इसका विरोध किया जब भाजपा की सरकार थी तब अक्टूबर 2022 में केस दोबारा खोला गया मगर एनडीए में शामिल होने के बाद इस साल जनवरी में आर्थिक अपराध शाखा ने फिर से क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी और अजीत पवार और 70 अन्य को क्लीन चिट दे दी मार्च 2024 में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने कहा कि महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक केस में तथ्यों की गलती के चलते आपराधिक केस दायर हुआ था

इस मामले में ईडी का केस आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई पर ही आधारित था शाखा द्वारा केस बंद किए जाने के बाद से ईडी का केस भी निष्फल हो गया है ईडी ने कोर्ट में क्लोजर के मामले में इंटरवेंशन एप्लीकेशन डाली है अजीत पवार पर 700 करोड़ के सिंचाई घोटाले का आरोप लगा बीजेपी ने लगाया अजीत पवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के नौ मामले दर्ज हुए लेकिन जैसे ही अजीत पंवार 2019 में बीजेपी के साथ गए सुबह-सुबह उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली एंटी करप्शन ब्यूरो ने सारे केस रद्द कर दिए मीडिया में बयान छपा इनका राजनीतिक घटनाओं से कोई संबंध नहीं कोयला घोटाला एयर इंडिया विमान खरीद घोटाला इसके आधार पर नरेंद्र मोदी और बीजेपी ने 2014 के चुनावी अभियान को खड़ा किया आज इस दो बड़े घोटाले के दो मुख्य किरदार प्रफुल पटेल नवीन जिंदल बीजेपी के साथ हैं

2012-13 का भारत और उसका मीडिया बहुत अलग था बीजेपी के हर बयान को खूब बढ़ा चढ़ाकर छाप था और अपनी भी खोजी रिपोर्ट करता था जनता के बीच बात पहुंचती थी कि मनमोहन सिंह की सरकार भ्रष्ट है जानी चाहिए चली भी गई यह भी बीजेपी का ही विज्ञापन है जो आपको इस होर्डिंग से नहीं पता चलेगा हरियाणा बीजेपी के फिर पूछिए कि भ्रष्टाचारियों को कौन बचा रहा है विपक्ष या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोयला घोटाले में आपका नाम ले रहे हैं लोग ऐसे लोगों के लिए क्या जवाब है कोई बात नहीं ऐसा है जी यह राजनीति में जो है लोगों को जो है हर तरह के सवाल पूछने का हक है उनका आप लोगों का जितने आप हमारे पत्रकार भाई हो बहने हैं

आप लोगों का पूरा हक है कि जो भी मन में आप लोगों के सवाल आए तो वो आप लोग जो है आपका पूरा हक है आप पूछ सकते हो और मेरे पास जो है मैं सब कुछ जो है खुली तरह से मेरा जीवन है एक खुली किताब है तो सब लोग जो है जानते हैं आप सब पहचानते हो कि किसके मन में क्या है क्या नहीं है हम बहुत ही सीधे साधे लोग हैं और भगवान की कृपा से ईश्वर की कृपा से बाऊ जी ने मेहनत की हम सबने भाइयों ने बहुत मेहनत की है और पूरे देश के अंदर आज जो है बहुत से कारखाने लगाए हैं

जहां पर लाखों लोग रोजगार पा रहे हैं सरकार को जो है पिछले 20 वर्षों के अंदर लाखों करोड़ का लाखों करोड़ का हमने जो है टैक्स पे किया है तो देश के निर्माण के अंदर जो है हरियाणा की भूमि से जन्म लेकर के हमने देश के लिए हमने बहुत काम किया है हर क्षेत्र के अंदर काम किया है इसलिए कोई भी जो काम करता है कोई भी कई बार जो है कोई बातें उठा देते हैं लेकिन अंत में जो सच्चाई जो है सबके सामने आती है तो मैं समझता हूं कि सच्चाई जो है वो आप सबके सामने है 10 साल से ज्यादा हो गया आरोप तो आप किसी के ऊपर कोई भी आप आरोप लगा सकते हैं

लेकिन मैं जानता हूं कि लोगों का मेरे ऊपर विश्वास है न्याय पालिका के ऊपर हमारा विश्वास है और अंत में जो है मैं समझता हूं कि सब कुछ जो है य लोगों को साफ हो जाएगा कि आपका उनका भाई उनका बेटा जो है बिल्कुल सही है और उसने कोई गलत काम नहीं किया बस यही एक बयान है सवाल भी ठीक से नहीं पूछा जाता है स्थानीय पत्रकार भी क्या करें कितना कुछ उनका दांव पर लगा होता है बड़े-बड़े चैनल और उनके एंकर झुक गए यह किसके लिए जोखिम उठाएं यही कारण है कि केस बंद होने के बाद प्रफुल पटेल के घर के बाहर मीडिया नहीं गया और ना ही नवीन जिंदल के बाहर इस तरह से भ्रष्टाचार और सिस्टम को सबके सामने मैनेज किया जा रहा है

कांग्रेस आज विपक्ष में है जिसके खातों को आयकर विभाग ने जब्त कर दिया था खाते से जबरन पैसा ट्रांसफर करा लिया 1823 करोड़ का आयकर विभाग ने नोटिस भेज दिया बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची तब जाकर आयकर विभाग ने बोला चुनाव तक सख्ती नहीं करेंगे हालत यह हो गई है कि कांग्रेस अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाशिंग मशीन लेकर आ रही है ताकि मीडिया दिखाए लोगों को पता तो चले मगर सब कुछ आधा अधूरा छप रहा है लोगों को पता तक नहीं चल रहा अच्छी तर दिखा पढ़िए इस पर क्या लिखा है भाई उधर भी दिखाइए सब जगह मांग है इस मशीन की देखिए इस मशीन की कितनी मांग है

अब इसके अंदर डालेंगे अरुण जी अरुण जी अब डाल दीजिए सबने देख लिया जी अब देखिए इसके भीतर से बटन दबाओ ना स्पिन वाला दबाओ सारे बटन दबाओ और निकालो देखो क्या निकलता है आज की प्रेस वार्ता मोदी जी जरूर देख रहे होंगे अब यह देखिए साफ होकर क्या निकला आ गया कोई बात नहीं मेरा फेस इंपॉर्टेंट नहीं है ये टीशर्ट इंपॉर्टेंट है देख लिया आपने अब आप ही बताइए कि ऐसे में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की क्या विश्वसनीयता रह जाती है उन्हें अपनी विश्वसनीयता की परवाह है या नहीं क्योंकि पता है

शायद उन्हें कि मीडिया पहले की तरह सवाल नहीं कर पाएगा जमकर दिखाएगा भी नहीं ईडी और केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल खतरनाक स्तर पर पहुंच गया गया है इनके डर से आम लोगों ने बोलना बंद कर दिया पहले व्यापारिक संगठन कितना खुलकर बोला करते थे अब तो आवाज ही उनकी सुनाई नहीं देती है कि छापे के बाद भी चंदा देना पड़ा मजबूरी में दे आ या खुशी-खुशी नाचते हुए करोड़ों रुपए का चेक लेकर गए थे अभी सारे अखबारों में एक खबर छपी कि बंगाल में ईडी ने 3000 करोड़ की संपत्ति जब्त की प्रधानमंत्री कानूनी रास्ता निकाल रहे हैं

कैसे जनता में बांट दें क्या उसी मीडिया ने उनसे सवाल किया कि ₹1 लाख देने का भी वादा किया गया था क्या वह बांटा जा सका है उस मीडिया ने यह सवाल पूछा कि 1440000 घोटाले के दो आरोपी बीजेपी के सहयोगी बन गए हैं एक ही आरोपी पर 70000 करोड़ के घोटाले के आरोप लगे हैं बीजेपी ने लगाए हैं अब बीजेपी उनके साथ कैसे है उन पैसों को कब जनता के बीच बांटेगी दीप्तिमान तिवारी ने इंडियन एक्सप्रेस में बंगाल के संदर्भ में एक महत्त्वपूर्ण जानकारी लिखी है शुभेंदु अधिकारी बीजेपी के अब सबसे बड़े नेता हैं

लेकिन जब तक तृणमूल में थे सबसे बड़े भ्रष्ट थे जैसे ही बीजेपी में आए केस ठंडे बस्ते में डाल दिया गया आज शुभेंदु अधिकारी बंगाल में विधायक हैं लेकिन सीबीआई 2019 से लोकसभा स्पीकर की मंजूरी का इंतजार कर रही है ताकि शुवेंदु अधिकारी के खिलाफ नारदा स्टिंग मामले में मुकदमा चलाया जा सके बीजेपी को पता है कि youtube लाखो 50 लाख लोगों तक पहुंचेंगी मगर गोदी मीडिया के चैनल और अखबारों से तो करोड़ों लोगों तक पहुंच सकती थी एक बार वहां इन बातों को लेकर डिबेट बंद हो जाए चैनल मैनेज हो जाए खोजी पत्रकारिता बंद हो जाए जनता को किसी सूरत में पता ही नहीं चलेगा कि इतना बड़ा घोटाला हुआ

इतनी बड़ी संख्या में घोटाले बाजों को शामिल करने वाली भाजपा आज भारत की अकेली पार्टी हो गई है और जनता को बताया जा रहा है कि राम राज्य आ गया राम का मंदिर बन गया है जनता को क्या पता कि इस राम राज्य के सबसे बड़े लाभार्थी अजीत पंवार और प्रफुल्ल पटेल है नमस्कार

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Kailash Bishnoi

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading