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18 फरवरी 2024 के लिए मार्केट आउटलुक

18 फरवरी 2024 के लिए मार्केट का आउटलुक इस दिन बाजार की चाल क्या रहेगी और किस तरफ झुकेगा बाजार पूरी जानकारी आपको दे रखी है आप जरूर इसको विस्तार से पढ़ें।

18 फरवरी 2024 के लिए मार्केट आउटलुक आज के लिए

1. वैश्विक बाजार:

  • अमेरिकी बाजार:
    • एसएंडपी 500: 4,700 – 4,800 के बीच
    • डॉव जोंस: 35,000 – 36,000 के बीच
    • नैस्डैक: 14,000 – 14,500 के बीच
  • यूरोपीय बाजार:
    • स्टॉक्स 600: 450 – 460 के बीच
  • एशियाई बाजार:
    • निक्केई 225: 28,000 – 29,000 के बीच
    • शंघाई कंपोजिट: 3,300 – 3,400 के बीच
    • हंगसेंग: 21,000 – 22,000 के बीच

2. भारतीय बाजार:

  • निफ्टी: 17,500 – 18,000 के बीच
  • सेंसेक्स: 60,000 – 61,000 के बीच

1. वैश्विक बाजार:

  • अमेरिकी बाजार:
    • S&P 500: 4150-4200
    • Dow Jones: 34000-34500
    • Nasdaq: 12000-12500
  • यूरोपीय बाजार:
    • Stoxx 600: 420-425
    • FTSE 100: 7400-7450
    • DAX: 15500-15600
  • एशियाई बाजार:
    • Nikkei 225: 27500-28000
    • Hang Seng: 21000-21500
    • Shanghai Composite: 3300-3350

2. भारतीय बाजार:

  • Nifty 50: 18000-18500
  • Sensex: 60000-60500
  • व्यापक बाजार: Nifty Midcap 100: 32000-32500; Nifty Smallcap 100: 9000-9100

3. प्रमुख कारक:

  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि का वैश्विक बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध: व्यापार युद्ध जारी रहने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • तेल की कीमतें: तेल की कीमतों में वृद्धि से मुद्रास्फीति बढ़ सकती है और बाजारों पर दबाव पड़ सकता है।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था: भारत की अर्थव्यवस्था धीमी गति से बढ़ रही है, लेकिन इसमें सुधार के संकेत हैं।
  • राजनीतिक कारक: आगामी विधानसभा चुनावों का भारतीय बाजारों पर प्रभाव पड़ सकता है।

4. निवेश रणनीति:

  • विविधता: विभिन्न क्षेत्रों और परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करें।
  • दीर्घकालिक दृष्टिकोण: अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर ध्यान न दें और दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखें।
  • जोखिम प्रबंधन: अपने जोखिम सहनशीलता के अनुसार निवेश करें।
  • वित्तीय सलाहकार: यदि आवश्यक हो तो वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

5. महत्वपूर्ण तिथियां:

  • 18 फरवरी 2024: यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति बैठक
  • 21 फरवरी 2024: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक
  • 25 फरवरी 2024: भारत में विधानसभा चुनाव परिणाम

नोट: यह मार्केट आउटलुक केवल जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। निवेश करने से पहले कृपया अपना शोध करें और वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

3. प्रमुख कारक:

  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि: ब्याज दरों में वृद्धि से शेयर बाजार पर दबाव पड़ सकता है।
  • यूक्रेन में युद्ध: युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे शेयर बाजार पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
  • चीन की अर्थव्यवस्था: चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
  • तेल की कीमतें: तेल की कीमतों में वृद्धि से मुद्रास्फीति बढ़ सकती है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव पड़ सकता है।

4. निवेश की रणनीति:

  • विविधता: अपने निवेश को विभिन्न क्षेत्रों और उद्योगों में फैलाएं।
  • दीर्घकालिक दृष्टिकोण: अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर ध्यान न दें और दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखें।
  • जोखिम प्रबंधन: अपनी जोखिम सहनशीलता के अनुसार निवेश करें।

5. महत्वपूर्ण सूचना:

यह केवल एक सामान्य मार्केट आउटलुक है। यह निवेश की सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम सहनशीलता का मूल्यांकन करें।

अतिरिक्त जानकारी:

  • मार्केट रिसर्च: निवेश करने से पहले विभिन्न कंपनियों और उद्योगों के बारे में रिसर्च करें।
  • वित्तीय सलाहकार: यदि आपको निवेश के बारे में कोई प्रश्न या चिंता है, तो वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

अनिश्चितता के साथ मिश्रित संकेत:

  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व: 15 फरवरी को ब्याज दरों में वृद्धि के बाद, बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
  • अर्थव्यवस्था: वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी का खतरा बाजार पर दबाव डाल सकता है।
  • राजनीतिक घटनाक्रम: भारत में 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक घटनाक्रम बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
  • तेल की कीमतें: वैश्विक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार को प्रभावित कर सकता है।

संभावित क्षेत्र:

  • रक्षा: भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश की योजना बना रही है, जिससे इस क्षेत्र में तेजी देखने को मिल सकती है।
  • स्वास्थ्य सेवा: स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना है, खासकर कोविड-19 महामारी के बाद।
  • डिजिटल इंडिया: भारत सरकार डिजिटल इंडिया पहल के तहत बड़े निवेश की योजना बना रही है, जिससे इस क्षेत्र में तेजी देखने को मिल सकती है।

निवेशकों के लिए सलाह:

  • विविधता: अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाकर जोखिम कम करें।
  • दीर्घकालिक दृष्टिकोण: अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर ध्यान न दें, बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखें।
  • वित्तीय अनुशासन: नियमित रूप से निवेश करें और अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बाजार की भविष्यवाणी करना मुश्किल है। उपरोक्त जानकारी केवल एक मार्गदर्शिका है और निवेशकों को अपनी खुद की रिसर्च करने की सलाह दी जाती है।

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