रविवार, अप्रैल 14, 2024
Google search engine
होमEducationSI Paper Leak Case : पेपर लीक कांड के और कितने 'मुन्नाभाई'...

SI Paper Leak Case : पेपर लीक कांड के और कितने ‘मुन्नाभाई’ ? Rajasthan Paper Leak Case

SI Paper Leak Case : पेपर लीक कांड के और कितने ‘मुन्नाभाई’ ? Rajasthan Paper Leak Case उनको भेजा था उनसे सूचना प्राप्त करके उसका वेरिफिकेशन कराया था और वो वेरिफिकेशन कराने के बाद जो हमारे डीआईजी साहब है पर देशमुख उन्होंने केस को आगे बढ़ाया और उसको अपडेट किया गया उससे पूछता कर करने पर यह खुलासा हुआ है जो हमारा थानेदार है उसका य डमी बैठा था रिटर्न भी ड इसीने दिया है और उसने कल रात बताया है कि इंटरव्यू में भी यही गया था थानेदार इंटरव्यू देने नहीं गया था.

ट्रांजेक्शन तरीके से हुआ और ट्रांजेक्शन कितना हुआ एक जगह एक पेपर देने के लिए डमी का ये इसने बहुत सारे एगजाम दिया समय समय पर उन्होने पैसे दि मनीष क्या अब आने वाले एगजाम के अंदर जिस मनीष ने अपने परिवार रिश्तेदारों को बैठना शुरू किया तर दलाल का काम करना शुरू कर दिया था मनीष ने जो फैक्ट है वो आपकी नॉलेज में सर ऐ गतार हुए को आपस में को रिलेशनशिप है या फर मतलब अभी इसम कोई इस तरह का आपस में रिश्तेदार नहीं और जो सोर्स है म पेपर प्रोवाइड करने वाला वो एक ही है या अल अलग जगह से अलल में गया ऐसा है.

इसमें बहुत सारे आपस में कनेक्टेड है कुछ लोग अभी तक के पूछता में ऐसे हैं जो उन्होंने कनेक्शन स्वीकार नहीं किया है लेकिन हमारे उन उनके बारे में हमें बहुत सारा इनपुट है वो आगे का अनुसंधान में खुलासा हु सर इनने कोई सरकारी कर्मचारी के पुत्र पुत्री भी अभी मैं बताने के पोजीशन में नहीं हूं इसमें से कुछ लोग परिवार के लोग नौकरी में हो सकते हैं लेकिन पिताजी स्वयं कोई नौकरी में हो ये मैं कंफर्म नहीं कह सकता स एक बार रोशन की इमेज बता दीजिए सर ने बताया था कि जब आपकी टीम वहां प गई थी तो स्कूल के कर्मचारियों को सब पता था.

रोशन के बारे में कि रोशन इस तरीके का एक्टिव आदमी है कि वो डमी कैंडिडेट बैठाना परीक्षा में बैठाना तो एसओजी को क्या वहां पर फीडबैक मिला था स्कूल की तरफ जो मुझे बताया गया है मेरे टीम के द्वारा वो यह बताया गया है कि जब बहाने से वेरिफिकेशन के लिए उसके पास गए थे उस स्कूल में जहां पर वो टीचर है तो जैसे ही कुछ बात चली तो स्कूल वालों ने कह दिया कि अगर आपको नौकरी चाहिए तो उससे संपर्क करो थैंक यू थैंक यू सो मच सर ये डाल दिया ग्रुप में बने की जरूरत थोड़ी एसआई और एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है और इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़ी बातें भी कही गई और कहा जा रहा है कि जैसे जैसे मामले पर जांच आगे बढ़ेगी और भी गिरफ्तारियां संभव है.

तो जयपुर से इस वक्त य बड़ी खबर आपको बता रहे हैं एडीजी एसओ की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले पर खुलासा किया गया है सोजी वके सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले पर जानकारी मीडिया के साथ साझा की और कहा कि अभी पूरे मामले पर जांच की जा रही है कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के सदर थाने का कांस्टेबल भी गिरफ्तार हुआ है.

यह बड़ी सूचना निकलकर सामने आ रही है ज्यादातर सभी ट्रेनी एसआई परीक्षा के टॉपर हैं जिन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी की एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में नई गिरफ्तार कर ली गई है 11 ट्रेनी और एसआई गिरफ्तार किए हैं गए हैं और इससे पहले भी कई ट्रेनी एसआई को गिरफ्तार और डिटेन करते हुए उनसे इस पूरे मामले पर पूछताछ की जा रही है कड़ी से कड़ी जुड़ी जा रही है और कई बड़ी गिरफ्तारियां भी होती चली जा रही हैं और एडीजी एसओजी का कहना है कि इस पूरे मामले पर अभी भी जांच जारी है लोगों से पूछताछ भी की जा रही है.

कुछ और लोगों को डिटेन भी किया जा सकता है और उनसे भी पूछताछ की जाएगी तो लाखों अभ्यर्थियों के किस्मत के साथ खिलवाड़ किया गया और इसमें लगातार जांच भी जारी है कई लोगों की संलिप्तता भी सामने आ रही है और दावा यह किया जा रहा है कि कई और गिरफ्तारियां अभी हो सकती हैं क्योंकि पूछता चल रही है और सभी के फोन भी खंगाले जा रहे हैं एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले से जुड़ी इस वक्त य बड़ी खबर आपको बता रहे हैं 2021 में जो गड़बड़ी हुई थी परीक्षा के दौरान उसका पर्दाफाश काफी लेट से हुआ लेकिन पर्दाफाश होने के बाद से लगातार इस पूरे मामले पर कार्रवाइयों की जा रही हैं कई लोगों को इस मामले पर गिरफ्तार किया गया है.

कई लोगों को डिटेन करते हुए उनसे पूछताछ की जा रही है 11 ट्रेनी एसआई और भी गिरफ्तार कर लिए गए और इसके साथ-साथ एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है एडीजी एसओजी वीके सिंह ने पीसी की और पीसी में यह बड़ी बातें बताई कई जानकारियां साझा की डीजी एसओजी वीके सिंह की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कुछ बोले यह भी हमने आपको सुनाया कई सवालों का जवाब वो फिलहाल देने से बचते हुए नजर आए उनका कहना है कि अभी जांच जारी है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी वोह जानकारियां साझा करेंगे सहयोगी विष्णु हमारे साथ ज के विष्णु कई और गिरफ्तारियां कौन-कौन लोग गिरफ्तार हुए हैं.

देखिए बिल्कुल राजस्थान पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के मामले में अब 11 ट्रेनी एसआई की गिरफ्तारियां और हो चुकी है उसके अलावा जो कमिश के सदर थाना इलाके में पदा स्थापित एक कांस्टेबल को भी एसओजी ने गिरफ्तार किया है तो अब तक 12 जो आरोपी है वो गिरफ्तार हो चुके हैं इस पेपर नकल के मामले में और कुछ देर पहले ही एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने इस पूरे घटना पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इनमें ज्यादातर जो गिरफ्तार ट्रेनी सब इंस्पेक्टर्स हैं ये सभी टॉप रैंक में शामिल है यानी कि मेरिट हासिल करने वाले ज्यादातर इसमें शामिल है सु सुरेंद्र बगड़िया इसकी सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में तीसरी रैंक आई थी.

उसके अलावा अन्य ऐसे भी जो ट्रेनी एसआई जिन्होंने 100 नंबर पर उसके पहले मेरिट में रैंक हासिल की थी और अब तक की पड़ताल में यही सामने आया कि सभी ने अ परीक्षा से पहले पेपर हासिल किया था उसके अलावा डमी कैंडिडेट्स बटाए गए और यह जो सभी जो 11 ट्रेनी एसआई हैं यह सभी राजस्थान के अलग-अलग के जिलों के रहने वाले हैं तो अब तक जो 15 ट्रेनी एसआई को कल गिरफ्तार कल हिरासत में लिया गया था उनमें से 11 ट्रेनी एसआई को आज गिरफ्तार कर लिया गया है बाकी चार से और अभी गहनता से पूछता जा ार है और यदि उनकी भूमिका सामने आती है तो फिर उनको गिरफ्तार किया जाएगा.

अन्यथा उनको वापस से एसओजी आरपीए को सुपुर्द कर देगी तो बड़ी खबर यही है कि अब तक पेपर लीक प्रकरण में पहले करीब 17 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार हो चुके हैं उसके अलावा अब 11 ट्रेनी एसई गिरफ्तार हो चुके हैं जी ये जो 11 ट्रेनी गिरफ्तार हुए हैं सब इंस्पेक्टर विष्णु यह कहां-कहां के रहने वाले हैं इसे लेकर कोई अपडेट है क्या आपके पास जी बिल्कुल देखिए इसके बारे में एडीजी वीके सिंह का कहना था कि सभी ट्रेनी सब इंस्पेक्टर जोधपुर बीकानेर उसके अलावा शेखावटी चल के हैं ज्यादातर जालौर के भी इसमें रहने वाले हैं बीकानेर के इसमें रहने वाले हैं तो अलग-अलग राजस्थान के अलग-अलग जिलों के सभी रहने वाले हैं.

लेकिन एक बत जरूर ये सामने आ साफ हो गई है कि इनको नकल के लिए डमी कैंडिडेट्स बैठाने के लिए जो नकल माफिया थे उन्होंने इनसे संपर्क किया था मोटी रकम इनको दी गई थी और उसके बाद ही यह जो पूरी नेक्सस सामने आया और और उसके बाद आज 11 ट्रेनी एसआई को गिरफ्तार किया गया है तो राजस्थान के अलग-अलग इलाकों के लोग रहने वाले हैं जी बिल्कुल पूरे प्रदेश भर में इनका नेटवर्क फैला हुआ है.

विष्णु जैसा कि आप बता रहे हैं कि सिर्फ एक जगह से ये ट्रेनी एसआई नहीं आए हैं जिन्होंने गड़बड़ी की अलग-अलग जगहों से प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों से ये ताल्लुकात रखते हैं विष्णु आगे किस तरीके से जांच की जानी है क्योंकि एक बड़ा रैकेट जिसका पर्दाफाश होता चला जा रहा है क्या कह रहे हैं एसओजी के अधिकारी और यही कारण है देखिए इस पूरे मामले में सबसे खास बात है कि जो ट्रेनी एसई जिनको गिरफ्तार किया गया है उनके खिलाफ सबूत जुटाना ये एसओजी की प्राथमिकता होगी क्योंकि टेक्निकल जो एविडेंस है वो एसओजी के लिए जुटाना बड़ी बेहद अहम चीज है.

क्योंकि जो पूरा मामला है वो 3 साल पहले भर्ती परीक्षा का है ऐसे में टेक्निकल आधार पर जो एविडेंस है उसको जुटाना एसओजी के लिए बड़ा चैलेंज होगा कि किसने किसको कितने रुपए दिए किसने किसको पेपर प्रोवाइड करवाया क्योंकि एक बात तो साफ हो गई कि प्रारंभिक तौर पर जो बयान है उनमें साफ हो गया कि नकल की गई थी डेमी कैंडिडेट बैठाए गए थे परीक्षा से पहले पेपर हासिल किया गया था लेकिन एसओजी आने वाले वक्त में किस तरह से इन तथ्यों को जुटा हुए सबू मजबूत सबूत जुटा हुए आगे कोर्ट में रखेगी ताकि यह सभी गुनाहगार सलाखों के पीछे जाए और लेकिन ये इसलिए बड़ा चैलेंज है और इन्हीं को ध्यान में रखते हुए एसओजी पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है जी बिल्कुल कोर्ट में सबूत भी पेश करना होता है.

चैट शट भी पेश करनी होती है और यही बड़ा चैलेंज है टीम के सामने क्या कुछ सबूत मिल पाए इनके खिलाफ मोबाइल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं क्या इनके देखिए प्रियंका चकि मामला 3 साल पहले का ऐसे में कुछ मोबाइल चैटिंग या जो डिटेल्स है बैंक में जो पैसों का जो अकाउंट अकाउंट ट्रांसफर हुआ था पैसा ट्रांसफर हुआ था उसकी कुछ डिटेल्स मिलने की बा जानकारी सामने आई लेकिन चूंकि ऐसा भी सामने आया कि जब इनका चयन हुआ अभ्यर्थियों का चयन हुआ सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में उसके बाद इन्होंने जो अपने पुराने मोबाइल फोन थे उनको दूर कर दिया उनको हटा दिया गया तोड़ दिया गया.

ऐसे भी जानकारी साफ सामने आई है तो बड़ा बड़ा चैलेंज है एसओजी के सामने इन पूरे तथ्यों को जुटा कर के कोर्ट में रखना लेकिन सबसे बड़ी खास बात है कि एसओजी ने इस पूरे नई सरकार के गठन के बाद जब एसआईटी का गठन किया गया था तो उसके बाद इस बड़ा चैलेंज को हाथ में लिया और आखिरकार सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के मामले में अब तक कम से कम 30 से ज्यादा ट्रेनी एसआई को गिरफ्तार किया गया साथ में नकल माफिया से जुड़े जो जगदीश विश्नोई है हर्षवर्धन राजेंद्र कुमार यादव है तमाम अन्य जो बड़े जो नाम उनको भी एसओजी ने गिरफ्तार किया है जी बिल्कुल सदर थाने का कांस्टेबल भी चूंकि गिरफ्तार हुआ है.

विष्णु ऐसे में माना जाए कि कई और बड़ी गिरफ्तारियां भी की जा सकते हैं एसओजी की ओर से बिल्कुल बिल्कुल आने वाले वक्त में ट्रेनिंग सब इंस्पेक्टर्स के अलावा और भी गिरफ्त देखने को मिलेगी और हो सकता है कि अभी भी ऐसे ट्रेनी सब इंस्पेक्टर से मौजूद हो जो कि इस वक्त राजस्थान पुलिस अकादमी या कहीं अन्य ट्रेनिंग सेंटर्स पर ट्रेनिंग ले रहे हैं लेकिन जैसा कि पहले भी एडीजी के द्वारा बताया गया था कि एक एक चरणबद्ध सबूत जुटा हुए एसीबी कड़ी से कड़ी को जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है इसीलिए सबसे पहले 14 ट्रेनी एसआई को करीब 15 दिन पहले यहां लाया गया था 20 दिन पहले एसओजी मुख्यालय में पूछताछ की गई गिरफ्तारी डाली गई नकल माफिया को वापस से प्रोडक्शन वांड पर लाया गया उसमें शेर सिंह मीणा का नाम सामने था.

उसके अलावा और भी नाम सामने थे तो तमाम सबूतों को जुटा हुए एसी एसओजी की टीम एसआईटी की टीम आगे बढ़ रही है पूरे मामले के लिए एडीजी वीके सिंह उसके अलावा डीआईजी परीस देशमुख डीआईजी योगेश दादी एडिशनल एसपी राम सिंह शेखावत तमाम जो सीनियर और जो बेहद जो योगी जो पुलिस ऑफिसर्स है उनकी मॉनिटरिंग में यह एक्शन हो रहा है जी बिल्कुल एक्शन लगातार जारी भी है जांच पड़ताल भी जारी है खुलासे भी हो रहे हैं और गिरफ्तारियां भी हो रही हैं और माना यह जाए विष्णु की कई और गिरफ्तारियां अभी हो भी सकती हैं और यह भी कहा जा रहा है कि पेपर को रद्द किया जाएगा हालांकि न साल पुराना मामला है लेकिन इसे लेकर स्ट्रांग एक्शन भी जरूरी है आप नजर बनाए रखिएगा.

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Kailash Bishnoi

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading