नेठराना गांव के लोगों ने ऐसा भात भरा,  लोगों को नरसी मेहता भात की याद जिंदा हो गई

नरसी मेहता के द्वारा नानी बाई को भात भर गया था। उसे बात को आज भी याद किया जाता है। लेकिन कुछ ऐसा ही वाकया हुआ है। राजस्थान के नेठराना गांव तहसील भादरा जिला हनुमानगढ़ निवासी जिन्होंने मीरा का भात भरा है, और नरसी मेहता की बात की याद जिंदा कर दी है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

नेठराना गांव में जन्म लेने वाली मीरा की पुकार नेठराना भादरा के ग्रामवासियों ने सब का मन जीत लिया। एक नई प्रेरणा, नया आदर्श प्रस्तुत किया है।

नेठराना गांव की बेटी मीरा हरियाणा में शादीशुदा है। मीरा के पति भी गुजर चुके हैं। सिर्फ दो बेटियां ही है, उनके ना भाई है, ना पिता है। अब उसी की ही बेटी की बेटी यानी नेठराना गांव की भांजी की शादी में आज सैकड़ो ग्रामीणों ने हरियाणा पहुंचकर मीरा का भात भरा है।

मीरा के पिता श्री जोराराम बहुत पहले ही गुजर चुके हैं। मीरा भात का न्योता देने नेठराना पहुंची और अपने स्वर्गीय भाई की छोटी सी कुटिया को तिलक निकाल कर कुटिया को भात का न्योता देकर अपने ससुराल चली गई।

यह बात ग्राम वासियों के मन को छू गई फिर क्या था। सब ने इकट्ठे होकर निर्णय लिया कि गांव की बेटी हमारी बेटी है। ग्रामीणों ने सैकड़ो की संख्या में इकट्ठे होकर लगभग 7 लाख रुपए का नगद भात अन्य बान कन्यादान कपड़े समेत लगभग 10 लाख रुपए का भात भरा है। इस बात ने नरसी मेहता के भात को चरितार्थ किया है।

आपने इस प्रकार के भात भरने की बात पहले सुनी होगी लेकिन आज मीरा ने यह भात अपनी आंखों से देखा तो उनकी आंखें भर आई आप देख सकते हैं। मीरा अपने आप को रोक नहीं सकी और ग्राम वासियों के सामने रोने लगी।

मीरा को रोता देखकर ग्राम वासियों की आंखें भी नम हो गई। लेकिन नेठराना ग्राम वासियों द्वारा भर गया यह भात आज के जमाने में आने वाली पीढ़ियां वर्षों तक इस बात को याद रखेगी और नरसी मेहता के बाद इस बात का गुणगान करते दिखेगी।

यह रोचक कहानी नहीं हकीकत बात है आपको अच्छी लगी तो अपने सभी मित्रों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर जरूर करें।